कर्रागुट्टा क्षेत्र में 4 नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) कैंप स्थापित

 बीजापुर। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित नक्सल प्रभावित कर्रागुट्टा क्षेत्र में 4 नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) कैंप स्थापित किए गए हैं। इनमें से दो कैंप छत्तीसगढ़ सरकार ने ताड़पाला में स्थापित किए हैं, जबकि तेलंगाना के मुलुगु जिले के वेंकटपुरम मंडल के पामनूर गांव में सीआरपीएफ की 39वीं बटालियन का एक नया एफओबी कैंप बुधवार को विधिवत उद्घाटित किया गया। पामनूर कैंप के उद्घाटन समारोह में तेलंगाना सीआरपीएफ के आईजी विक्रम सिंह, मुलुगु जिले के एसपी सुधीर रामनाथ केकन और एतुरूनगरम के एएसपी मनन भट्ट उपस्थित रहे।



इस दौरान आईजी विक्रम सिंह ने कैंप परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। सुरक्षाबलाें के अनुसार यह कैंप नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले कर्रेगुटा क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं, जो क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वेंकटपुरम और वाजेड्डु मंडल की सीमा पर स्थित मेरुमुरु गांव से लगभग 8 किलोमीटर दूर बीहड़ अटुवई जंगल क्षेत्र से होते हुए कर्रागुट्टा तक एक सड़क का निर्माण किया गया है, जिसे स्थानीय लोग दंडकारण्यम मार्ग कहते हैं।बता दें कि दो महीने पहले मेरुमुरु गांव में पहला एफओबी कैंप स्थापित किया गया था, जिसके बाद अब पामनूर में यह दूसरा कैंप शुरू किया गया है।
तेलंगाना सीआरपीएफ के आईजी विक्रम सिंह ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के कानून-व्यवस्था विभाग से मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों को और गति मिलेगी। उन्हाेने बताया कि आजादी के बाद पहली बार इस दुर्गम जंगल क्षेत्र के गांवों में सोलर वाटर प्लांट और सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक अस्थायी मेडिकल कैंप भी स्थापित किया जा रहा है।

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