इंद्रावती के दुर्गम जंगलों में मानवता की मिसाल: ITBP और पुलिस ने गर्भवती महिला की बचाई जान

मूक एक्सप्रेस24 रायपुर – छत्तीसगढ़ के घने और चुनौतीपूर्ण जंगलों के बीच एक बार फिर सुरक्षा बलों ने अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के दुर्गम क्षेत्र से ITBP के जवानों और स्थानीय पुलिस ने एक गर्भवती महिला का सुरक्षित रेस्क्यू कर मानवता की मिसाल पेश की है। इस सराहनीय अभियान में जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम बोटेर में एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। यह इलाका घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों और सीमित संसाधनों के कारण बेहद दुर्गम माना जाता है। समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने की स्थिति में महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की जान को खतरा हो सकता था।
जैसे ही इस आपात स्थिति की जानकारी मिली, ITBP की 29वीं बटालियन और नारायणपुर पुलिस ने बिना समय गंवाए संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया। जवानों ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए तत्काल मौके के लिए रवाना हुए। रास्ता इतना दुर्गम था कि किसी वाहन का पहुंचना संभव नहीं था।

करीब 5 किलोमीटर लंबे जंगल और पहाड़ी रास्ते को पार करते हुए जवानों ने मानवता और साहस का अद्भुत परिचय दिया। उन्होंने गर्भवती महिला को स्ट्रेचर पर लिटाकर पैदल ही सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इस दौरान रास्ते में फिसलन, घने जंगल और ऊंचाई जैसी कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन जवानों का हौसला और प्रतिबद्धता किसी भी बाधा के आगे नहीं झुकी।

रेस्क्यू टीम ने महिला को सुरक्षित निकालकर तुरंत एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ओरछा पहुंचाया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में महिला का सफलतापूर्वक प्रसव कराया गया। राहत की बात यह रही कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

इस पूरे अभियान ने यह साबित कर दिया कि सुरक्षा बल सिर्फ सुरक्षा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे जरूरत के समय आम लोगों के लिए जीवन रक्षक भी बनते हैं। ITBP और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक परिवार को नई जिंदगी दी है और क्षेत्र के लोगों में विश्वास को और मजबूत किया है।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस मदद के लिए सुरक्षा बलों का आभार जताया है। उनका कहना है कि ऐसे दुर्गम इलाकों में जब कोई उम्मीद नजर नहीं आती, तब यही जवान उनके लिए देवदूत बनकर सामने आते हैं।
यह घटना न केवल साहस और कर्तव्यनिष्ठा की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि मानवीय संवेदनाएं और सेवा भाव आज भी जिंदा हैं। ITBP और नारायणपुर पुलिस का यह संयुक्त प्रयास पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है।

इस सकारात्मक पहल ने यह संदेश दिया है कि चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है।

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