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विश्व सामाजिक न्याय दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

मूकएक्सप्रेस24 बेमेतरा - राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा संचालित "स्टेट प्लान ऑफ एक्शन कैलेंडर 2026" के अनुसार 20 फरवरी को "विश्व सामाजिक न्याय दिवस" के अवसर पर अध्यक्ष/प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती सरोज नन्द दास जी के मार्गदर्शन में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन नगर पंचायत कुसमी, ग्राम जामगांव, मजगांव, पंडरमठठा, पेण्डीतराई, मोहगांव (साजा) में किया गया।




शिविर में उपस्थित लोगों को अधिकार मित्रों द्वारा बताया गया कि सामाजिक न्याय का अर्थ समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार, अवसर और सम्मान देना है। विश्व सामाजिक न्याय दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना है, जिसके अन्तर्गत गरीबी, बहिष्कार, लैंगिक असमानता, बेरोजगारी, मानवाधिकार और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।


शिविर में सामाजिक न्याय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति अपने मानवाधिकारों और आत्मसम्मान के साथ जीवन बिताये, जब समाज में किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, धर्म, लिंग, वर्ग या आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं होता, तभी सच्चे अर्थों में सामाजिक न्याय स्थापित होता है। सामाजिक न्याय केवल कानून बनाने से नहीं आता, बल्कि समाज की सोच बदलने से आता है।


कार्यक्रम में नालसा एवं सालसा द्वारा संचालित जागरूकता, संवाद, डॉन योजना, घरेलू हिंसा अधिनियम, लोक अदालत, मध्यस्थता, भरण-पोषण अधिनियम, महिलाओं के अधिकार, मोटरयान दुर्घटना दावा अधिनियम, हिट एण्ड रन स्कीम योजना, नवीन मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कर आमजनों को जागरूक किया गया।


आमजनों को नालसा टोल फ्री नंबर 15100 पर नि:शुल्क विधिक सहायता और सलाह प्राप्त करने के संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। शिविर में समस्त अधिकार मित्र उपस्थित रहे।

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